छत्तीसगढ़ के पर्व 'तीजा परब' की शुभकामनाएँ
दू दिन पहिली तीजा गे हे,
नोनी के महतारी ह,
हमला गजब बिजरावत हावय,
सबले छोटे सारी ह.
मन ह तन ह सुन्ना लागथे,
जिनगी सुन्ना भइगे.
चाबे ला दऊड़त हावय,
अपने घर के दुवारी ह.
दार-भात चिबराहा हो गे,
नूनछुर हो गे साग,
बिल्कुल नइ सुहावय संगी
संझा के बियारी ह.
संग राहय तब चिकचिक लागे,
वोकर गोठ-बात
अाज गजब गुदगुदावत हावय,
वोकर देय गारी.
बचपन मा जेकर संग खेलेन
उही टूरी मन आये हे
जहर बरोबर लागथे संगी,
उन्कर खीर-सोंहारी ह.
कतको कहि ले समरथ हन
मन के ये भरम ये,
चारे दिन मा पता चलगे
मनखे के हुसियारी ह.
@बलदाऊ राम साहू
दू दिन पहिली तीजा गे हे,
नोनी के महतारी ह,
हमला गजब बिजरावत हावय,
सबले छोटे सारी ह.
मन ह तन ह सुन्ना लागथे,
जिनगी सुन्ना भइगे.
चाबे ला दऊड़त हावय,
अपने घर के दुवारी ह.
दार-भात चिबराहा हो गे,
नूनछुर हो गे साग,
बिल्कुल नइ सुहावय संगी
संझा के बियारी ह.
संग राहय तब चिकचिक लागे,
वोकर गोठ-बात
अाज गजब गुदगुदावत हावय,
वोकर देय गारी.
बचपन मा जेकर संग खेलेन
उही टूरी मन आये हे
जहर बरोबर लागथे संगी,
उन्कर खीर-सोंहारी ह.
कतको कहि ले समरथ हन
मन के ये भरम ये,
चारे दिन मा पता चलगे
मनखे के हुसियारी ह.
@बलदाऊ राम साहू
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