नवगीत
जनता सबो बेहाल
कोन पूछे काकर ले भैया
तिरपट नवा सवाल
जनता सबो बेहाल.
जम्मो डहर लूटपाट हे
मौज करें अपराधी
न्याय तराजू ऊँकरे हाथ मा
जिन्कर तन मा खादी
लोकतंत्र अब हमला लागथे
जीव के रे जंजाल.
चाल-चरित्तर मा कीरा परगे
फोकट गाल बजाये
साधु-संत के बाना धर के
पापी कस चाल चिन्हाये
हाँ मा हाँ मिलइया कतको
हावय इहाँ दलाल.
नवा-नवा इतिहास जम्मो झन
अपन-अपन लिखत हें
जेकर छप्पन के छाती हे
करनी मा दिखत हे
नाक बचा लेवव नकटा मन
पूछे प्रश्न बेताल.
कोख उझर कतको इहाँ
कब तक धीरज धरबो
मुढ़ ले पानी उप्पर होगे
सबर कब तक करबो
गुस्सा आँखी मा तउरत हे
छाती मा बरे मशाल.
@बलदाऊ राम साहू
जनता सबो बेहाल
कोन पूछे काकर ले भैया
तिरपट नवा सवाल
जनता सबो बेहाल.
जम्मो डहर लूटपाट हे
मौज करें अपराधी
न्याय तराजू ऊँकरे हाथ मा
जिन्कर तन मा खादी
लोकतंत्र अब हमला लागथे
जीव के रे जंजाल.
चाल-चरित्तर मा कीरा परगे
फोकट गाल बजाये
साधु-संत के बाना धर के
पापी कस चाल चिन्हाये
हाँ मा हाँ मिलइया कतको
हावय इहाँ दलाल.
नवा-नवा इतिहास जम्मो झन
अपन-अपन लिखत हें
जेकर छप्पन के छाती हे
करनी मा दिखत हे
नाक बचा लेवव नकटा मन
पूछे प्रश्न बेताल.
कोख उझर कतको इहाँ
कब तक धीरज धरबो
मुढ़ ले पानी उप्पर होगे
सबर कब तक करबो
गुस्सा आँखी मा तउरत हे
छाती मा बरे मशाल.
@बलदाऊ राम साहू
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