तोर-मोर बीच के करार लिख देतेन।
छुटपन के हमर तोर प्यार लिख देतेन।
तोर बिना मोर ये जिनगी बेकार हे
पंछी बर रूख मा ढार लिख देतेन।
जिनगी मा सुख-दुख आवत अउ जात हे
ओला बिसार के तिहार लिख देतेन।
चार महिना जियेन त बारेन दीया ल
अँधियारी के नाम हम हार लिख देतेन।
जिनगी मा कतको बँबूरी अउ बोरई
दूनो हम मिलके सार-सार लिख देतेन।
बलदाऊ राम साहू
9407650458
तोर, मोर = तुम्हारे, मेरे, करार =इकरार/अनुबंध , छुटपन=बचपन, बर = क लिए, रूख=पेड़, ढार=पड़ाव, बिसार के ओला= भूलकर उसे, तिहार = त्यौहार, जियेन=जिये, बारेन= जलाये,