शिशु गीत
चिड़िया आई, चिड़िया आई,
गीत सुनाने चिड़िया आई।
पंख पसारे आती है वह,
दाना चुग-चुग खाती है वह।
कभी-कभी लालच में आकर,
फंदे में फँस जाती है वह।
(2)
बड़े रसीले होते आम
कुछ सस्ते, कुछ महँगे दाम।
चौसा और दशहरी, लँगड़ा
तरह-तरह के इनके नाम।
एक कहावत सुनी है हमने,
आम के आम गुठलियों के दाम।
बलदाऊ राम साहू
(1)
चिड़िया आई, चिड़िया आई,
गीत सुनाने चिड़िया आई।
पंख पसारे आती है वह,
दाना चुग-चुग खाती है वह।
कभी-कभी लालच में आकर,
फंदे में फँस जाती है वह।
(2)
बड़े रसीले होते आम
कुछ सस्ते, कुछ महँगे दाम।
चौसा और दशहरी, लँगड़ा
तरह-तरह के इनके नाम।
एक कहावत सुनी है हमने,
आम के आम गुठलियों के दाम।
बलदाऊ राम साहू