नवगीत
अगर कोसना है तो कोसो
गाली क्यों देते हो भाई
सत्ता के दलालों को.
किसकी नीयत कैसी है
यह समझ न आए
बैठ मंच पर यहाँ सभी
हरिश्चंद्र बन जाएँ
अगर कोसना है तो कोसो
खुद के ही सवालों को.
भ्रष्ट आचरण करना तो
है इनकी मजबूरी
छल, प्रपंच और धोखा देना
लगता बहुत जरूरी.
थप्पड़ क्यों मारे हम भाई
इनके चिकने गालों को.
दरबारों में बने रहना
होती टेढ़ी खीर
सभी चाहते सत्ता सुख
पंडित हो या फकीर
झुककर करें सलाम सभी
इन ताकतवर चांडालों को
- बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458
अगर कोसना है तो कोसो
गाली क्यों देते हो भाई
सत्ता के दलालों को.
किसकी नीयत कैसी है
यह समझ न आए
बैठ मंच पर यहाँ सभी
हरिश्चंद्र बन जाएँ
अगर कोसना है तो कोसो
खुद के ही सवालों को.
भ्रष्ट आचरण करना तो
है इनकी मजबूरी
छल, प्रपंच और धोखा देना
लगता बहुत जरूरी.
थप्पड़ क्यों मारे हम भाई
इनके चिकने गालों को.
दरबारों में बने रहना
होती टेढ़ी खीर
सभी चाहते सत्ता सुख
पंडित हो या फकीर
झुककर करें सलाम सभी
इन ताकतवर चांडालों को
- बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458
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