बचपन की कुछ भूली-बिसरी यादों को इस तरह
बचपन मा गजब सैतानी करन,
खेल-खेल म हम बइमानी करन.
कोनो चोरी करत धर ले हमला
छाती तानन, रंगदारी करन.
खेलन, खावन करन मटरगस्ती,
काम-धाम म आना-कानी करन.
सगा पहुना खेल ह भावय गजब,
बन के सियान, सियानी करन.
नइ सुनन दाई-ददा के कहना,
'बरस' हमू गजब मनमानी करन.
एके सुग्घर वोमा बात राहय,
बिना भेद करे हम मितानी करन.
गाँव सियान करे झगरा-झंझट,
देख के हम गजब हैरानी करन.
लड़-झगर के मिल जाववन कउखन,
भेदभाव ल हम पानी- पानी करन.
सगा पहुना=बालपन का एक खेल, सियान=बुजूर्ग, दाई-ददा=माता-पिता, कउखन=शीघ्रतर.
@बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458
बचपन मा गजब सैतानी करन,
खेल-खेल म हम बइमानी करन.
कोनो चोरी करत धर ले हमला
छाती तानन, रंगदारी करन.
खेलन, खावन करन मटरगस्ती,
काम-धाम म आना-कानी करन.
सगा पहुना खेल ह भावय गजब,
बन के सियान, सियानी करन.
नइ सुनन दाई-ददा के कहना,
'बरस' हमू गजब मनमानी करन.
एके सुग्घर वोमा बात राहय,
बिना भेद करे हम मितानी करन.
गाँव सियान करे झगरा-झंझट,
देख के हम गजब हैरानी करन.
लड़-झगर के मिल जाववन कउखन,
भेदभाव ल हम पानी- पानी करन.
सगा पहुना=बालपन का एक खेल, सियान=बुजूर्ग, दाई-ददा=माता-पिता, कउखन=शीघ्रतर.
@बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458