छत्तीसगढ़ी ग़ज़ल
जनता ला कुसियार बना लेव।
या उनला हथियार बना लेव।
मारौ उनला, चलावौ गोली,
तुम अपन सरकार बना लेव।
बकव गारी बिकलम-बिकलम,
बानी मा तुम धार बना लेव।
जोरौव रुपया लाखों - लाखों,
बंगालो दू - चार बना लेव।
भोगो तुमन सुख के जिनगी,
हमला तुम सौंझियार बना लेव।
बलदाऊ राम साहू
9407650458