नवगीत
जिसे देखिए वही राह में
काँटे बोते हैं
भाई का भाई से अनबन
भौजाई तो हुई पराई
और पड़ोसी सब लगते हैं
पूरे निर्दयी कसाई
दुनिया की ये रीत देखकर
हम तो रोते हैं
पैसों से ही तौले जाते हैं
रिश्तों की गहराई
मान, प्रतिष्ठा और पद की
होती है खूब बड़ाई
कुंठाओं की विष-बेलें
खुद ही बोते हैं.
संबंधों के बीचोंबीच अब
स्वार्थ पनपते हैं
अपने ही सब सगे-संबंधी
बैरी लगते हैं
अनचाहे संबंधों का ही
बोझ सदा ढोते हैं
-बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458
जिसे देखिए वही राह में
काँटे बोते हैं
भाई का भाई से अनबन
भौजाई तो हुई पराई
और पड़ोसी सब लगते हैं
पूरे निर्दयी कसाई
दुनिया की ये रीत देखकर
हम तो रोते हैं
पैसों से ही तौले जाते हैं
रिश्तों की गहराई
मान, प्रतिष्ठा और पद की
होती है खूब बड़ाई
कुंठाओं की विष-बेलें
खुद ही बोते हैं.
संबंधों के बीचोंबीच अब
स्वार्थ पनपते हैं
अपने ही सब सगे-संबंधी
बैरी लगते हैं
अनचाहे संबंधों का ही
बोझ सदा ढोते हैं
-बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458