राजनीति हर काजर के कोठी आय,
तभो समझथे मनखे मन, बपोती आय.
जाँगर टोर, बोहा पछीना धरती बर,
धरती ले उपजही, हीरा -मोती आय.
सरहद म गोली खात हे, लहू बोहात हे
देस म उजियार बगरईया जोती, अाय.
पर के सँथरा घी देख ललचाओ झन,
परके धन हा तो, माटी-गोंटी आय.
सूट-बूट पहिरे के का मतलब हावय,
इज्जत ढाके बर तो बस, लँगोटी आय.
काबर दूसर के छाती म दार दरत हौ,
अपन बर सोंहारी, सुख्खा रोटी आय.
@बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458
तभो समझथे मनखे मन, बपोती आय.
जाँगर टोर, बोहा पछीना धरती बर,
धरती ले उपजही, हीरा -मोती आय.
सरहद म गोली खात हे, लहू बोहात हे
देस म उजियार बगरईया जोती, अाय.
पर के सँथरा घी देख ललचाओ झन,
परके धन हा तो, माटी-गोंटी आय.
सूट-बूट पहिरे के का मतलब हावय,
इज्जत ढाके बर तो बस, लँगोटी आय.
काबर दूसर के छाती म दार दरत हौ,
अपन बर सोंहारी, सुख्खा रोटी आय.
@बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458