Wednesday, 18 April 2018

शिशु गीत

(1)


चिड़िया आई, चिड़िया आई,
गीत  सुनाने  चिड़िया  आई।

पंख    पसारे  आती  है वह,
दाना चुग-चुग खाती है वह।

कभी-कभी लालच में आकर,
फंदे में फँस  जाती   है  वह।

(2)

बड़े   रसीले   होते    आम
कुछ सस्ते, कुछ महँगे दाम।

चौसा और दशहरी, लँगड़ा
तरह-तरह के इनके   नाम।

एक  कहावत  सुनी  है  हमने,
आम के आम गुठलियों के दाम।

बलदाऊ राम साहू

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