Thursday, 17 May 2018


तोर-मोर बीच के करार लिख देतेन।
छुटपन के हमर तोर प्यार लिख देतेन।

तोर बिना मोर ये जिनगी बेकार हे
पंछी बर रूख मा ढार लिख देतेन।

जिनगी मा सुख-दुख आवत अउ जात हे
ओला बिसार के तिहार लिख देतेन।

चार महिना जियेन त बारेन दीया ल
अँधियारी के नाम हम हार लिख देतेन।

जिनगी मा कतको बँबूरी अउ बोरई
दूनो हम मिलके सार-सार लिख देतेन।

बलदाऊ राम साहू
9407650458

तोर, मोर = तुम्हारे, मेरे, करार =इकरार/अनुबंध , छुटपन=बचपन, बर = क लिए, रूख=पेड़, ढार=पड़ाव, बिसार के ओला= भूलकर उसे, तिहार = त्यौहार, जियेन=जिये, बारेन= जलाये,










No comments:

Post a Comment