नेता मन सब चतुरा होगे, सुन मितान।
जनता मन सब बपुरा होगे, सुन मितान।
ये जुग मा सब उलटा-पुलटा लागत हे,
टिमकी मन सब दफड़ा होगे, सुन मितान।
आनी-बानी, किसम-किसम गोठियावत हे,
चमचा मन सब चपड़ा होगे, सुन मितान।
बात इहाँ के उहाँ लुहावत रहिस ओमन,
बिन मतलब के लफड़ा होगे, सुन मितान।
बलदाऊ राम साहू
जनता मन सब बपुरा होगे, सुन मितान।
ये जुग मा सब उलटा-पुलटा लागत हे,
टिमकी मन सब दफड़ा होगे, सुन मितान।
आनी-बानी, किसम-किसम गोठियावत हे,
चमचा मन सब चपड़ा होगे, सुन मितान।
बात इहाँ के उहाँ लुहावत रहिस ओमन,
बिन मतलब के लफड़ा होगे, सुन मितान।
बलदाऊ राम साहू
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