छत्तीसगढ़ी ग़ज़ल
पहली सहीं सियान नँदागे
अब तो संगी गियाना नँदागे।
पहलीसहीं सहीं सियान नँदागे।
काकर मानी ल हम पियन,
बिस्वास हमर,मितान नँदागे।
कौन इहाँ जाँगर टोरत हे ,
मिहनतकस किसान नँदागे।
लबरा मन सब नेता बनगे,
सब करगा हें, धान नँदागे।
मिथिया हे सब कहना इहाँ,
मनखे के सुभिमान नँदागे।
बलदाऊ राम साहू
सियान= बुजुर्ग/मुखिया, काकर मानी ल हम पियन = किस पर विश्वास करें, सहीं=की तरह, करगा = धान का प्रतिरूप पर धान नहीं,मिथिया=मिथ्या।
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