छत्तीसगढ़ी बाल गीत
होली
खेलो - कूदो, नाचो - गाओ होरी मा।
मस्ती के सब रंग लगाओ होरी मा।
जिनगी मा कतको दुख-पीरा आथे जी
उन सब ला झट तुम बिसराओ होरी मा।
कब तक धरे रहिहु तुम जुन्ना बात इहाँ,
नवा - नवा बिचार जगाओ होरी मा।
जात-धरम के झगरा-झंझट ला छोड़व,
बने पियार ले गला लगाओ होरी मा।
दुखिया मन के मन मा उछाह छा जाही
ऊँकरो दुख ला होरी बारौ होरी मा।
बलदाऊ राम साहू
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