बिपत म हे संसार, का करन,
लुटत हे ये बजार, का करन.
नाता- रिस्ता सुवारथ के हे,
मतलब के सब यार, का करन.
घर - दुवार सब खेत बेंचागे,
इज्जत तार -तार, का करन.
मुख हर दिखथे कुलकत हावय
अंतस म अँधियार, का करन.
घर के जोरु पर-बुधनिन होगे
'बरस' खड़े मुँह फार, का करन,
@बलदाऊ राम साहू
लुटत हे ये बजार, का करन.
नाता- रिस्ता सुवारथ के हे,
मतलब के सब यार, का करन.
घर - दुवार सब खेत बेंचागे,
इज्जत तार -तार, का करन.
मुख हर दिखथे कुलकत हावय
अंतस म अँधियार, का करन.
घर के जोरु पर-बुधनिन होगे
'बरस' खड़े मुँह फार, का करन,
@बलदाऊ राम साहू
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