सताये गए जो उन्हें हौसला दे,
सताये गए जो उन्हें हौसला दे
सुलगती हुई आग को तू हवा दे.
ज़माने के क़िस्से बहुत पोथियों में,
पन्ने पलट कर उन्हें बस पढ़ा दे.
कँटीली डगर से डरे आदमी को,
नज़दीक मंजिल है रास्ता दिखा दे.
मकसद पता ही नहीं ज़िंदगी का
कदम यूँ न भटके, खुदा आसरा दे.
वो सवाल पर सवाल करता रहा है,
जवाब उन सवालों के कोई बता दे.
बलदाऊ राम साहू
9407650458
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