मुफत मा तैं खा ले बाबू
मुफत मा तैं खा ले बाबू,
हाथ मल पछता ले बाबू.
ऊपर-ऊपर गुरुतुर हावय,
अंतस ला करुवा ले बाबू.
कागद ल तैं नाव बना ले,
चुरुवा मा तँउरा ले बाबू.
अंतस म तोर कपट भरे हे,
मीठ-मीठ गोठिया ले बाबू.
नइ फरय हे पेड़ मा पइसा,
धर ले अउ हला ले बाबू.
बन जा नेता, कर करतूत,
मान गजब तैं पा ले बाबू.
जग म कतको हाँसत हावय,
उन सब ला रोवा ले बाबू.
बइरी बन जा अपनेच्च बर,
अफसर तैं कहा ले बाबू.
बेंच डार ईमान-धरम ला,
धरमातमा कहा ले बाबू.
@बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458
गुरुतुर = मीठापन, चुरुवा = चुल्लू
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