Tuesday, 23 August 2016



मुफत मा तैं खा ले बाबू

मुफत  मा तैं  खा ले बाबू,
हाथ मल पछता  ले  बाबू.

ऊपर-ऊपर गुरुतुर हावय,
अंतस ला  करुवा ले  बाबू.

कागद ल तैं नाव  बना  ले,
चुरुवा  मा  तँउरा  ले  बाबू.

अंतस म तोर कपट भरे  हे,
मीठ-मीठ गोठिया ले  बाबू.

नइ फरय हे पेड़ मा पइसा,
धर  ले अउ  हला ले  बाबू.

बन जा  नेता, कर  करतूत,
मान गजब तैं  पा  ले  बाबू.

जग म कतको हाँसत हावय,
उन  सब  ला  रोवा  ले बाबू.

बइरी बन  जा  अपनेच्च  बर,
अफसर   तैं   कहा  ले  बाबू.

बेंच  डार  ईमान-धरम  ला,
धरमातमा   कहा   ले  बाबू.

@बलदाऊ राम साहू
 मो 9407650458
गुरुतुर = मीठापन, चुरुवा = चुल्लू

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