अपन हर बीरान होगे , अब तो गाँव मा.
लुच्चा मन सियान होगे, अब तो गाँव मा.
कपटी मन अगुवा होगे, करथे ग नियाव.
प्रपंच हर ग्यान होगे, अब तो गाँव मा.
सुमत संग जीयन,आस अउ बिस्वास रहय.
मितान ह बइमान होगे, अब तो गाँव मा.
गुरुतुर गोठ नँदागे, टेंचरही गोठियाथे.
बानी तीर-कमान होगे, अब तो गाँव मा.
एक बात बने होय हे, 'बरस' तैं बता दे,
छोटे-बड़े समान होगे, अब तो गाँव मा.
@बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458
लुच्चा मन सियान होगे, अब तो गाँव मा.
कपटी मन अगुवा होगे, करथे ग नियाव.
प्रपंच हर ग्यान होगे, अब तो गाँव मा.
सुमत संग जीयन,आस अउ बिस्वास रहय.
मितान ह बइमान होगे, अब तो गाँव मा.
गुरुतुर गोठ नँदागे, टेंचरही गोठियाथे.
बानी तीर-कमान होगे, अब तो गाँव मा.
एक बात बने होय हे, 'बरस' तैं बता दे,
छोटे-बड़े समान होगे, अब तो गाँव मा.
@बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458
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