कोन ला बतावन संगी, अपन ग लचारी,
देस ला लुटत हावय, नेता अउ बइपारी.
फेसन के जुग आगे काला हम बतावन,
डोकरी मन दिखथे, फकत अटल कुवाँरी.
कमिया मन ल मिले नहीं ठोम्हा भर पसिया,
बइठाँगुर मन झड़कत हें, बरा - सोंहारी.
फोकट के चऊँर , सुसी भर पीओ दारू,
घर मा बइठे-बइठे, सब के करौ चारी.
समरथ मन ला घुना खागे करौ ग बिचार,
भरे सभा म हारत हे, दुरपती ल जुआरी.
भगतसिंग कहावत हें, लुच्चा अउ लफंगा,
'बरस' बइठे गुनत रहिथे, अपन ग दुवारी.
@बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458
देस ला लुटत हावय, नेता अउ बइपारी.
फेसन के जुग आगे काला हम बतावन,
डोकरी मन दिखथे, फकत अटल कुवाँरी.
कमिया मन ल मिले नहीं ठोम्हा भर पसिया,
बइठाँगुर मन झड़कत हें, बरा - सोंहारी.
फोकट के चऊँर , सुसी भर पीओ दारू,
घर मा बइठे-बइठे, सब के करौ चारी.
समरथ मन ला घुना खागे करौ ग बिचार,
भरे सभा म हारत हे, दुरपती ल जुआरी.
भगतसिंग कहावत हें, लुच्चा अउ लफंगा,
'बरस' बइठे गुनत रहिथे, अपन ग दुवारी.
@बलदाऊ राम साहू
मो 9407650458
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