बस्तर के जंगलों में
1.
बस्तर के जंगलों में
डोंगरी-पहाड़ों में
कंटिले पेड़ उग आए हैं
जिसमें लग हुए हैं रक्तिम फूल,
ललचाए हुए
मत जाना उनके पास
नहीं तो, उसमें लगे
नुकीले काँटें
तुम्हें कर देंगे जख्मी
तुम हो जाओगे लहुलुहान
और तुम्हारे पास
आँसू बहाने के अतिरिक्त
कुछ भी शेष न रह जाएगा ।
2.
मौत
नदी किनारे
रेंग रही है, कतारबद्ध
पहरेदारों की तरह
तुम नदी के उस पार
कैसे जा सकते हो ?
क्योंकि मल्लाहों ने
पतवार को रख दी है गिरवी
मौत के पास।
3.
हर जगह बैठे हैं
जहरीले साँप फन फैलाए,
और सिर के उपर
मंडरा रहे हैं गिद्ध
लगता है हर जगह
मौत का पहरा है
क्योंकि उजाले ने
कर लिया है समझौता
अंधेरों के साथ।
4.
जंगल ने लिख दी है
एक चिट्ठी
खून से
शांति कहीं खो गई है
मत करना रिपोर्ट थानों में
और न ही
खोजने की कोशिश करना
वरना तुम भी
कही खो जाओगे
बिहड़ में।
1.
बस्तर के जंगलों में
डोंगरी-पहाड़ों में
कंटिले पेड़ उग आए हैं
जिसमें लग हुए हैं रक्तिम फूल,
ललचाए हुए
मत जाना उनके पास
नहीं तो, उसमें लगे
नुकीले काँटें
तुम्हें कर देंगे जख्मी
तुम हो जाओगे लहुलुहान
और तुम्हारे पास
आँसू बहाने के अतिरिक्त
कुछ भी शेष न रह जाएगा ।
2.
मौत
नदी किनारे
रेंग रही है, कतारबद्ध
पहरेदारों की तरह
तुम नदी के उस पार
कैसे जा सकते हो ?
क्योंकि मल्लाहों ने
पतवार को रख दी है गिरवी
मौत के पास।
3.
हर जगह बैठे हैं
जहरीले साँप फन फैलाए,
और सिर के उपर
मंडरा रहे हैं गिद्ध
लगता है हर जगह
मौत का पहरा है
क्योंकि उजाले ने
कर लिया है समझौता
अंधेरों के साथ।
4.
जंगल ने लिख दी है
एक चिट्ठी
खून से
शांति कहीं खो गई है
मत करना रिपोर्ट थानों में
और न ही
खोजने की कोशिश करना
वरना तुम भी
कही खो जाओगे
बिहड़ में।
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